#दादरा_और_नगर_हवेली_तथा_दमन_एवं_दीव_का_विलय_के_विधेयक_को_मंजूरी
लोकसभा ने 27 नवंबर 2019 को दो केंद्रशासित प्रदेशों दादरा और नागर हवेली तथा दमन और दीव को विलय कर एक केंद्र शासित प्रदेश बनाने के प्रावधान वाले विधेयक को मंजूरी प्रदान कर दी. नये केंद्र शासित प्रदेश का नाम दादरा और नगर हवेली तथा दमन एवं दीव होगा.
दो केंद्र शासित प्रदेशों को विलय करने का उद्देश्य उनकी प्रशासनिक आसानी को बढ़ाना और विकास सुनिश्चित करना है. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किशन रेड्डी के अनुसार, न्यूनतम सरकार और अधिकतम सुशासन की सरकार की नीति को ध्यान में रखते हुए और दोनों केंद्र शासित प्रदेशों की छोटी आबादी तथा सीमित क्षेत्र को ध्यान में रखकर अधिकारियों की सेवाओं के बेहतर उपयोग हेतु यह कदम उठाया गया है.
🌺दमन दीव और दादरा नगर हवेली विलय
• केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किशन रेड्डी ने दो केंद्र शासित प्रदेशों को एक साथ मिलाने के लिए सदन में विधेयक पेश किया.
• दोनों केंद्र शासित प्रदेश एक-दूसरे से मात्र 35 किलोमीटर की दूरी पर हैं. लेकिन, दोनों का अलग बजट बनता है और अलग-अलग सचिवालय हैं.
• दादरा और नगर हवेली में केवल एक जिला है, जबकि दमन एवं दीव में केवल दो जिले हैं.
• दोनों के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद लोकसभा में दो सीटें होंगी. बांबे हाई कोर्ट पहले की तरह यहां के कानूनी मामले देखेगा.
• इसके अलावा, दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी नये केंद्र शासित प्रदेश कैडर में ट्रांसफर होंगे. इसी तरह अन्य सभी कर्मचारी भी नये केंद्र शासित प्रदेश में चले जाएंगे..
लोकसभा ने 27 नवंबर 2019 को दो केंद्रशासित प्रदेशों दादरा और नागर हवेली तथा दमन और दीव को विलय कर एक केंद्र शासित प्रदेश बनाने के प्रावधान वाले विधेयक को मंजूरी प्रदान कर दी. नये केंद्र शासित प्रदेश का नाम दादरा और नगर हवेली तथा दमन एवं दीव होगा.
दो केंद्र शासित प्रदेशों को विलय करने का उद्देश्य उनकी प्रशासनिक आसानी को बढ़ाना और विकास सुनिश्चित करना है. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किशन रेड्डी के अनुसार, न्यूनतम सरकार और अधिकतम सुशासन की सरकार की नीति को ध्यान में रखते हुए और दोनों केंद्र शासित प्रदेशों की छोटी आबादी तथा सीमित क्षेत्र को ध्यान में रखकर अधिकारियों की सेवाओं के बेहतर उपयोग हेतु यह कदम उठाया गया है.
🌺दमन दीव और दादरा नगर हवेली विलय
• केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किशन रेड्डी ने दो केंद्र शासित प्रदेशों को एक साथ मिलाने के लिए सदन में विधेयक पेश किया.
• दोनों केंद्र शासित प्रदेश एक-दूसरे से मात्र 35 किलोमीटर की दूरी पर हैं. लेकिन, दोनों का अलग बजट बनता है और अलग-अलग सचिवालय हैं.
• दादरा और नगर हवेली में केवल एक जिला है, जबकि दमन एवं दीव में केवल दो जिले हैं.
• दोनों के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद लोकसभा में दो सीटें होंगी. बांबे हाई कोर्ट पहले की तरह यहां के कानूनी मामले देखेगा.
• इसके अलावा, दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी नये केंद्र शासित प्रदेश कैडर में ट्रांसफर होंगे. इसी तरह अन्य सभी कर्मचारी भी नये केंद्र शासित प्रदेश में चले जाएंगे..
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