इण्डो-ग्रीक, शक एवं कुषाण-वंश
- कुषाण-युग में कौन-सा नगर भारतीय मूर्ति कला का एक बड़ा केन्द्र था - मथुरा
- शक कहाँ के निवासी थे - शक मूलतः मध्य एशिया के निवासी थे।
- शक संवत् कब से प्रारम्भ हुआ - 78 ई० से
- ‘चरक-संहिता’ किस विषय पर लिखी पुस्तक है - चिकित्सा से सम्बंधित
- कनिष्क की मृत्यु के बाद कुषाण-वंश का शासक - बड़ा पुत्र वासिष्क
- कनिष्क के प्रमुख दरबारी - वसुमित्र, अश्वघोष, चरक, नागार्जुन, संघरक्ष
- इण्डो-ग्रीक कहाँ राज्य करते थे - कंधार
- शक-संवत् का प्रारम्भ किसने किया - कनिष्क
- मिलिन्द की राजधानी थी - शाकल (स्यालकोट)
- कनिष्क की मृत्यु - 102 ई० में
- चरक कौन था - कनिष्क का राज-वैद्य
- भारत में यूनानी शासकों में सबसे प्रमुख माना गया है - मिनाण्डर (मिलिन्द)
- भारत का आईन्सटाइन - नागार्जुन
- कुषाण-वंश का अन्तिम शासक - वासुदेव
- मिलिन्द ने किस ग्रंथ की रचना की - मिलिन्दपन्द
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